नाबालिग से बलात्कार के दोषियों को फांसी की सजा पर मोदी सरकार लगा सकती है मुहर

कठुआ गैंगरेप के बाद एक बार फिर से रेप की  सजा फांसी हो, इसकी मांग गुंजने लगी है। इस गूंज की वजह से मोदी कैबिनेट ने यह तय किया है कि वो इस मसले पर लेकर नया कानून बनाएंगे। देश प्रदेश से बच्चियों के साथ रेप की खबर आना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसे में अब सरकार इस बार विचार करने के मूड में है। सूत्रों की माने तो शनिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है, तो इसके बाद नाबिलग से रेप की सजा फांसी हो जाएगी। आइये जानते हैं कि क्या है पूरा मांजरा?

बच्चियों के साथ दुष्कर्म का मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कुछ मामले हाई प्रोफाइल बन जाते हैं, तो कुछ मामले दब के  ही  रह जाते हैं, इन सबके बीच रह जाती है तो वो है इंसाफ। बच्चियों के साथ रेप करने वाले को फांसी की सजा देने की  मांग आज नहीं उठ रही है, बल्कि सालों पहले से उठ रही है। ऐसे में मोदी सरकार इस बार इस प्रस्ताव पर मुहर लगाने के मूड में है। महिला एंव बाल मंत्रालय ने इस बात की पैरवी कर चुका है कि बच्चियों के साथ रेप करने वालों को फांसी की सजा दी जाए, जिसके लिए वो सरकार के सामने प्रस्ताव रखेगा।




बताते चलें कि अगर यह कानून पास हो गया तो 12 साल तक की  बच्ची के साथ रेप करने वालों को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा सुनाई जाएगी। ऐसे में यह महिला एंव बाल सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया ठोस कदम माना जााएगा। इस प्रस्ताव पर लगभग सभी  सहमति है, ऐसे में अब मोदी सरकार को इस पर अपना मुहर लगाना है, ताकि यह विधेयक संसद में पास हो सके। बता दें कि यह अध्यादेश कर लागू हो गया तो बच्चियों के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामले थम जाएंगे, क्योंकि अभी तक आरोपी या तो जेल जाता है या फिर बच निकलता है, लेकिन आगे से ऐसा नहीं होगा।

केंद्र की मोदी  सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका के जवाब में एक पत्र देकर कहा है कि वह पॉक्सो एक्ट में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जिसके तहत 12 साल से कम की बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए फांसी की सजा का प्रावधान होगा, ऐसे में अब यह अध्यादेश शनिवार को पास होने की संभावनाएं है, वरना ये फिर कुछ दिनों के लिए रूक जाएगा। हालांकि, मोदी मंत्रिमंडल इस बात की पूरी कोशिश करेगा कि यह अध्यादेश जल्दी से जल्दी ही पास हो सके, ताकि बच्चियों के साथ होने वाले कुकर्म रूक सके।



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